छोटा जवाब: शादी में शगुन कितना देना चाहिए, यह तीन बातों से तय होता है — जोड़े से आपकी नज़दीकी, आपकी एक प्लेट पर होने वाला खर्च, और आपकी अपनी जेब। व्यावहारिक पैमाना यह है: कम से कम अपनी प्लेट का खर्च तो कवर कीजिए, और रिश्ता जितना करीब हो उतना ऊपर जाइए। ज्यादातर शादियों में लिफाफे में नकद देना ही चलन है, उसके बाद सोना या गिफ्ट आता है। उलझन हो तो कार्ड या शादी की वेबसाइट देख लीजिए: अगर जोड़े ने कुछ साफ लिखा है तो बहस वहीं खत्म हो जाती है।
कितना दें? तीन कदम
एक तय रकम बताना बेकार है, क्योंकि सही रकम शहर, फंक्शन के तरीके और आपके रिश्ते से बदलती है। ये तीन कदम लगभग हर बार आपको सही दायरे में ले आते हैं।
- अपनी प्लेट का खर्च अंदाजा लगाइए। बैंक्वेट हॉल में पर-प्लेट खर्च घर या फार्महाउस के सादे फंक्शन से काफी ज्यादा होता है। जितने लोग जा रहे हैं उससे गुणा कीजिए — दो लोग जाकर एक का शगुन देना सबसे आम हिसाब की चूक है।
- नज़दीकी के हिसाब से बढ़ाइए। ऑफिस के सहकर्मी या दूर के रिश्तेदार के लिए बेस रकम काफी है; करीबी दोस्त या भाई-बहन के मामले में इससे साफ ऊपर जाया जाता है।
- आखिरी फैसला आपके बजट का। कोई भी रिवाज उधार लेने को नहीं कहता। महीना तंग है तो रकम घटाइए और भाव बढ़ाइए: हाथ से लिखा एक नोट गिफ्ट से ज्यादा दिन याद रहता है।
एक ही महीने में दो शादियां हों तो एक कुल रकम को बांटिए, दोगुना मत कीजिए। जोड़ा अपनी तरफ का हिसाब कैसे लगाता है, यह शादी का बजट वाले लेख में है।
नकद, सोना या गिफ्ट?
ज्यादातर जोड़े एक और घरेलू सामान के बजाय नकद पसंद करते हैं, क्योंकि शादी के बाद के खर्चे शायद ही किचन के होते हैं। सामान तभी अच्छा विकल्प है जब कोई लिस्ट हो या आपको वाकई कुछ ऐसा पता हो जो उन्हें चाहिए।
- लिफाफा: एक कार्ड और दो लाइनें काफी हैं। लिफाफे पर अपना नाम जरूर लिखिए — थैंक यू लिस्ट इन्हीं से बनती है।
- सोना: कई परिवारों में सामान्य चलन। बिल साथ रखिए और साथ में दीजिए, ताकि जरूरत पड़ने पर बदलवाना आसान रहे।
- UPI या ट्रांसफर: अब पूरी तरह सामान्य है। एक छोटा संदेश साथ भेजिए, वरना यह बिना नाम का क्रेडिट बनकर रह जाता है।
- अनुभव वाला गिफ्ट: हनीमून की एक अतिरिक्त रात, डिनर, फोटो शूट। दोस्तों के ग्रुप गिफ्ट के लिए यही सबसे अच्छी श्रेणी है।
- मिलकर एक गिफ्ट: पांच लोग मिलकर एक काम का गिफ्ट दें तो वह पांच छोटे गिफ्ट से उपयोगी भी है और सस्ता भी।
जोड़े ने जो मांगा है वह हमेशा आम रिवाज से ऊपर है। कार्ड पर अगर गिफ्ट की जगह दान या सिर्फ आशीर्वाद लिखा है, तो सही तरीका उसी को अक्षरशः मानना है।
कब और कैसे दें?
गिफ्ट टेबल हो तो उसी दिन वहीं रख दीजिए; न हो तो शादी से एक हफ्ता पहले या बाद के दो हफ्तों में पहुंचा दीजिए। फंक्शन के बीच में गिफ्ट देकर लंबा समझाना शायद ही काम करता है — उस रात किसी के पास सुनने का वक्त नहीं होता। कार्ड पर एक लाइन ज्यादा असर करती है।
- अपना और साथ आए व्यक्ति का नाम लिखिए। नाम लिखा लिफाफा ही थैंक यू मैसेज को मुमकिन बनाता है।
- अगर आप जा नहीं पा रहे तो कुछ भेजना जरूरी नहीं; भेज रहे हैं तो उसी समय-सीमा में रखिए।
- शादी के बाद ऑनलाइन भेजना अब आम बात है: साथ में एक छोटी बधाई जरूर लिखिए।
- कपड़ों को लेकर भी उलझन है तो शादी में क्या पहनें हर मेहमान का दूसरा सवाल हल कर देता है।
दूसरा गिफ्ट जो जोड़े को सबसे ज्यादा चाहिए: आपकी खींची फोटो
शादी के बाद हर जोड़ा एक ही बात कहता है: फोटो सबने खींचीं, हम तक तीन पहुंचीं। फोटोग्राफर एक ही आदमी है और एक ही जगह खड़ा रहता है; टेबल पर, लॉन में और स्टेज के किनारे जो हो रहा है वह मेहमानों के फोन में ही रह जाता है। आपके फोन की तस्वीरें, आपके शगुन के साथ, वह चीज़ हैं जो जोड़े को सच में चाहिए।
- टेबल पर रखा QR कोड स्कैन कीजिए और उसी रात अपलोड कर दीजिए — कल पर टाली गई फोटो कभी अपलोड नहीं होती।
- कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करनी पड़ती, ब्राउज़र से कुछ सेकंड में हो जाता है: यह ऐसे काम करता है।
- वीडियो भी अपलोड कीजिए। जोड़े ने जो पल नहीं देखे, उनमें से ज्यादातर वीडियो में हैं।
- कुछ आसान नियमों से फोन की फोटो काफी बेहतर आती है; फोन से शादी की फोटो कैसे लें एक मिनट में पढ़ा जाता है।
इनसे बचिए
- वहीं खुलवाने की ज़िद। उस रात गिफ्ट खोलने का वक्त किसी के पास नहीं होता।
- दूसरों से रकम की तुलना। तुमने कितना दिया वाली बातचीत पूरी टेबल को असहज कर देती है।
- बिल अंदर छोड़ देना। एक्सचेंज बिल अलग लिफाफे में जाता है और प्राइस टैग हटाया जाता है।
- बहुत निजी चीज़ चुनना। घर और पसंद पता न हो तो सजावट और कपड़े सबसे ज्यादा बदले जाने वाले गिफ्ट होते हैं।
- नाम लिखना भूल जाना। किसने क्या दिया पता न चले तो शुक्रिया अधूरा रह जाता है; जोड़े को यह थैंक यू मैसेज लिखते वक्त पता चलता है।
निष्कर्ष
कोई एक सही आंकड़ा नहीं होता: सही रकम वही है जो आपकी प्लेट का खर्च कवर करे, आपके रिश्ते से मेल खाए और आपके बजट पर भारी न पड़े। तरीका वही रखिए जो जोड़े ने मांगा हो; कुछ न कहा हो तो लिफाफा सबसे सुरक्षित है। और अगर शादी आप प्लान कर रहे हैं, तो मेहमानों की फोटो भी एक गिफ्ट की तरह जमा कीजिए: मुफ्त इवेंट बनाइए और टेबल पर रखे एक QR कोड से उस रात की हर तस्वीर एक ही एल्बम में इकट्ठा कीजिए।
